नितिन पटेल लखनऊ: सरोजनी नगर क्षेत्र के अमावा बिट में अवैध वृक्ष कटान जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, सदुल्लानगर में 94,000 रुपये की कीमत वाले शीशम के पेड़ को चोरी से काटने की तैयारी चल रही है। वहीं, रविवार को गोदौली गांव में आम और शीशम के पेड़ों को अवैध तरीके से काटकर बेच दिया गया। यह घटना पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि अमावा बिट के जंगलों और गांवों में माफिया सक्रिय हैं, जो कीमती पेड़ों को लक्ष्य बनाकर काट रहे हैं। सदुल्लानगर में शीशम की चोरी की तैयारी पर नजर रखी जा रही है, जबकि गोदौली गांव की घटना में पेड़ काटने के बाद उन्हें तुरंत बेच दिया गया। ऐसे अवैध कृत्यों से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि जैव विविधता भी प्रभावित हो रही है।
इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा है कि पेड़ों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जानी चाहिए और पर्यावरण को किसी भी हाल में नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
विश्व पर्यावरण दिवस पर उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत जनता से अपील की कि सभी नागरिक एक पौधा जरूर लगाएं, उसकी सुरक्षा करें, जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं और पर्यावरण की रक्षा करें। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का ब्रांड एंबेसडर बनाने की बात कही और कहा कि वृक्ष, जल स्रोतों तथा नदियों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि पेड़ हमारे विरासत हैं, इनका संरक्षण करना हमारा दायित्व है। अवैध कटान रोकने और वृक्षारोपण बढ़ाने के लिए सरकार सक्रिय है, लेकिन स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।
प्रशासन से अपील है कि अमावा बिट और आसपास के क्षेत्रों में सख्त निगरानी बढ़ाई जाए ताकि ऐसे अवैध कार्यों पर अंकुश लगाया जा सके। पर्यावरण संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
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