लखनऊ। राजधानी लखनऊ में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बंथरा थाना क्षेत्र के चर्चित नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक आरोपी पर 65-65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर सत्र न्यायाधीश, लखनऊ की अदालत ने सुनाया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपियों द्वारा पहले से जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
मामले में पीड़िता के परिजनों ने 26 नवंबर 2022 को बंथरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने खाण्डेदेव गांव निवासी रामेश्वर रावत (28) और अनुज रावत (21) को दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत पुलिस और अभियोजन विभाग की समन्वित एवं प्रभावी पैरवी के चलते मामले में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।
Post a Comment