आईजीआरएस व CPGRAMS शिकायतों में बिना जांच गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप, दस्तावेज लेने से भी मना करने का दावा
मल्लावा, हरदोई। अन्त्योदय राशन कार्ड बनवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही विधवा महिला ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों पर शिकायतों का सही निस्तारण करने के बजाय गलत एवं भ्रामक आख्या लगाकर प्रकरण बंद करने का आरोप लगाया है। महिला ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी हरदोई से करते हुए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पात्रता के आधार पर अन्त्योदय राशन कार्ड जारी कराने की मांग की है।
नई बस्ती, मोहद्दीनपुर, काजीपुर, फरहत नगर निवासी उर्मिला देवी पत्नी स्वर्गीय राजेश कुमार का कहना है कि पति की दुर्घटना में मृत्यु के बाद दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उनके ऊपर है और उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। इसी आधार पर उन्होंने अन्त्योदय राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था।
महिला के अनुसार उन्होंने 21 जुलाई 2026 को आईजीआरएस पर शिकायत संख्या 40015526075203 दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि 31 जुलाई 2026 की निस्तारण आख्या में यह उल्लेख किया गया कि शिकायतकर्ता ने जनसेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन अभिलेख कार्यालय में जमा नहीं किए। महिला ने इस कथन को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी और न ही उनके आवेदन व दस्तावेजों का वास्तविक सत्यापन किया गया।
इसके बाद महिला ने 6 अगस्त 2026 को निस्तारण के विरुद्ध असंतुष्टि दर्ज कराई। वहीं, CPGRAMS पर 21 जुलाई 2026 को दर्ज शिकायत संख्या 60000260180635 में भी कथित रूप से ऐसी आख्या लगाई गई, जिसमें 10 अगस्त 2026 को दोपहर 12:57 बजे मोबाइल नंबर 8840069745 पर संपर्क किए जाने और अन्त्योदय राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किए जाने की बात दर्ज होने का आरोप महिला ने लगाया है।
महिला का कहना है कि उसने आवश्यक दस्तावेज तहसील कार्यालय को भेजे थे, जिसके संबंध में स्पीड पोस्ट आर्टिकल नंबर EU81340975IN भी उसके पास उपलब्ध है। इसके बावजूद विभागीय रिपोर्ट में आवेदन और दस्तावेज जमा नहीं किए जाने की बात कही गई।
आज कार्यालय में दस्तावेज लेने से मना करने का आरोप
महिला के मुताबिक ग्राम पंचायत से अन्त्योदय राशन कार्ड के लिए प्रस्ताव कराया गया तथा ग्राम पंचायत की सहमति के बाद ग्राम विकास अधिकारी ने भी प्रस्ताव पर सहमति दी। 30 सितंबर 2026 को जब वह प्रस्ताव समेत सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर तहसील बिलग्राम स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यालय पहुंची तो वहां मौजूद महिला अधिकारी/कर्मचारी ने कागजात लेने से मना कर दिया।
महिला का आरोप है कि उसे बताया गया कि प्रस्ताव गलत पारित हुआ है और “पहले किसी का राशन कार्ड कटवाइए, उसके बाद नया राशन कार्ड जारी होगा।” महिला का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का राशन कार्ड गलत है तो उसकी जांच करना विभाग का काम है, वह स्वयं किसी दूसरे व्यक्ति का राशन कार्ड कैसे कटवा सकती है।
महिला ने मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच, गलत आख्या लगाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा उसके दस्तावेज स्वीकार कर पात्रता के आधार पर अन्त्योदय राशन कार्ड जारी कराने की मांग की है।
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