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अमावा बीट में अवैध कटान का सिलसिला जारी! हाईवे किनारे आम का पेड़ चोरी से काटा वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल, 15 दिन पहले नानामऊ में भी 8–10 आम के पेड़ काटे जाने का दावा

लखनऊ/सरोजनीनगर - अमावा बीट क्षेत्र में कथित अवैध पेड़ कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह गुदौली गांव में हाईवे के पास खड़े एक दरियाई आम के पेड़ को कथित रूप से चोरी-छिपे काट दिया गया। खास बात यह है कि हाईवे के पास पेड़ काटे जाने के बावजूद इसकी भनक वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को नहीं लग सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मुख्य मार्ग और हाईवे के आसपास खड़े पेड़ों की नियमित निगरानी की जा रही है तो फिर पेड़ की कटाई कैसे हो गई? घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

*नानामऊ में भी 8 से 10 पेड़ काटे जाने का दावा*

सूत्रों के अनुसार करीब 15 दिन पहले *नानामऊ* गांव में भी आम के लगभग 8 से 10 पेड़ों को काटे जाने की बात सामने आई थी। आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने के बावजूद वन विभाग और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

हालांकि इन घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विभाग से नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप, जांच की मांग

स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि अमावा (अंबावा) बीट क्षेत्र में कथित अवैध कटान कुछ लोगों की मिलीभगत से लगातार जारी है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर हाल में काटे गए पेड़ों की जांच कराएं और यह पता लगाया जाए कि पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति थी या नहीं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि अवैध कटान की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो सरोजनीनगर रेंज के जिम्मेदार अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी बढ़ानी चाहिए।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के बीच पेड़ों की कटाई पर सवाल
एक ओर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर अंबावा बीट में पेड़ों के कथित अवैध कटान की शिकायतें सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था और लोगों से पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की अपील की थी।

मुख्यमंत्री के इस संदेश की भावना यही है कि पेड़ केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि उनका संरक्षण भी किया जाए। ऐसे में यदि कहीं हरे पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है तो उस पर प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

*अब देखना यह है कि वन विभाग कब करेगा कार्रवाई*

गुदौली में हाईवे किनारे आम के पेड़ की कथित कटाई और नानामऊ में कई पेड़ों के काटे जाने के दावों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वन विभाग पूरे मामले की जांच कब कराता है और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।

ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि अंबावा बीट में पिछले कुछ समय में काटे गए पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, कटान की अनुमति और अभिलेखों की जांच की जाए तथा यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

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